डिजिटल डेस्क, गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने मंगलवार को कहा, भावनगर दुनिया का पहला संकुचित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) टर्मिनल बन जाएगा, क्योंकि सरकार ने 1,900 करोड़ रुपये की ब्राउनफील्ड परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है। टर्मिनल में प्रति वर्ष 5 मिलियन टन की क्षमता होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 1,900 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी और इसे डेवलपर्स के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जिसमें पद्मनाभ मफतलाल समूह और नीदरलैंड का एक समूह शामिल है।

सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ब्राउनफील्ड बंदरगाह परियोजना के पहले चरण में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह भावनगर के विकास की दिशा में एक महत्वाकांक्षी मेगा परियोजना का हिस्सा है, जहां 4.5 मिलियन कंटेनरों की क्षमता वाला एक तरल और सफेद कार्गो टर्मिनल भी टर्मिनल (RO-RO) पर एक नौका सेवा विकसित कर रहा है।

इस टर्मिनल को विकसित करने के लिए चैनल और पोर्ट बेसिन में दो लॉक गेट बनाए जाएंगे। सीएनजी परिवहन के लिए तट पर बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। परियोजना से भावनगर बंदरगाह की कार्गो क्षमता में सालाना 90 लाख मीट्रिक टन (एमएमटी) की वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात देश का एकमात्र राज्य होगा जहां सीएनजी और एलएनजी दोनों के लिए टर्मिनल मौजूद होंगे। राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना भावनगर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।

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