लखनऊ, 17 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर ग्रुप बी और ग्रुप सी की सेवा नियमावली में बदलाव कर पांच साल के लिए अनुबंध पर तैनाती के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की है।

सिंह ने पत्र में कहा है कि इस नई सेवा नियमावली के लागू होने से सरकार और पार्टी की छवि को नुकसान होने की पूरी संभावना है। इसे लेकर आम जनता खासकर युवाओं में खासी नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में युवाओं के साथ रहेंगे।

देवेंद्र प्रताप ने कहा कि नए प्रस्तावित सेवा नियमों के लागू होने से सरकारी सेवाओं में कार्यरत युवाओं के शोषण और कदाचार में वृद्धि होगी। नवनियुक्त कर्मचारी 5 वर्षों के लिए अधिकारियों के बंधुआ मजदूर बन जाएंगे और अधिकारी वर्ग विभिन्न तरीकों से नई सेवा नियमावली का फायदा उठाने के लिए उपकरण बना सकता है।

उन्होंने कहा है कि पांच साल के लिए संविदात्मक तैनाती के दौरान, उनके काम का मूल्यांकन मुख्यालय, विभाग के प्रमुख और सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन संकेतक के माध्यम से मिजोरबेल में किया जाएगा। संविदा कर्मचारी को नियमित होने के लिए, इस मूल्यांकन में हर साल कम से कम 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे और किसी भी दो छमाही में 60 प्रतिशत से कम अंक हासिल करने वाले संविदा कर्मी को सेवा से वंचित कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि योगी सरकार सरकारी नौकरियों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। राज्य सरकार ग्रुप बी और ग्रुप सी की भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव के बारे में विचार कर रही है। प्रस्तावित प्रणाली में चयन के बाद, कर्मियों को पहले पांच वर्षों के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उन्हें नियमित सरकारी सेवकों को सेवा से संबंधित लाभ नहीं मिलेंगे।

केवल पांच साल की मुश्किल अनुबंध सेवा के दौरान जो लोग छंटनी से बच पाएंगे, उन्हें ही मूल नियुक्ति मिलेगी। विपक्षी दल इसके लिए सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं।

वीकेटी / एसजीके

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