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मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में सबसे लम्बी एकल लाइन साइकिल परेड आयोजित होने जा रही है जिसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। दरअसल 3 मार्च 2019 को भारत ने साइकिल परेड में कीर्तिमान स्थापित किया था। यह विश्व रिकॉर्ड सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) ने बनाया था। सीआइएसएफ ने अर्द्धसैनिक बल के 50 वर्ष पूरे होने पर यह कीर्तिमान स्थापित किया था। हालांकि इस कीर्तिमान को 1 जून 2019 को तुर्कमेनिस्तान ने तोड़ दिया और गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया। अब इस रिकॉर्ड को एक बार फिर भारत तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सबसे पहले 19 जनवरी 2020 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एकल लाइन साइकिल परेड (single line bicycle parade) आयोजित की जा रही है। इस परेड के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। इस परेड का हिस्सा बनने के लिए 250 रुपए का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।

गौरतलब है कि स्वच्छता के मामले में चौथी बार पहले पायदान को हासिल करने वाला इंदौर अब सबसे लम्बी एकल लाइन साइकिल परेड (single line bicycle parade) का नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में है। लेकिन क्या इंदौर यह नया इतिहास रच पाएगा? और यदि इंदौर इस कीर्तिमान को रचने में कामयाब हो भी गया तो उसका यह वर्ल्ड रिकॉर्ड महज़ 6 दिन ही कायम रह पाएगा। दरअसल इंदौर का यह रिकॉर्ड भारत का कोच्चि तोड़ेगा। कोच्चि में गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2020 को एकल लाइन साइकिल परेड (single line bicycle parade) आयोजित की जानी है। इस परेड के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 900 रुपए रखा गया है।

 

इससे पहले जब CISF की तरफ से यह कीर्तिमान स्थापित किया गया था तब इस परेड में अर्द्धसैनिक बल के 1327 जवानों ने “एक लाइन में साइकिलों के बीच समान दूरी पर बिना रूके” साइकिल चलाई थी। यह साइकिल परेड 3।2 किलोमीटर की थी। इसके बाद तुर्कमेनिस्तान की तरफ से 1995 लोगों ने साइकिल चलाकर 1 जून 2019 को भारत का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वहीं CISF द्वारा यह कीर्तिमान स्थापित करने से पहले यह विश्व रिकॉर्ड भारतीय हुबली साइकिल क्लब के नाम पर दर्ज था। इस कीर्तिमान को रचने के लिए 1235 साइकिल सवारों ने इस परेड में हिस्सा लिया था, लेकिन उसका यह रिकॉर्ड CISF ने तोड़ दिया था। अब एक बार फिर भारत इतिहास रचने की तयारी में है। जहां इंदौर शहर में लगभग 2000 साइकिलिस्ट इस परेड में हिस्सा लेंगे वहीं कोच्चि में 3500 साइकिल सवारों का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर शहर में यह परेड लगभग 5 किमी। लम्बी होगी।

इस परेड की सबसे विशेष बात यह है कि एक के पीछे एक चल रही साइकिलों की दूरी एक सामान होनी चाहिए। यह दूरी 10 से 12 फीट ही रहनी चाहिए। यह दूरी कम या ज्यादा होने पर परेड को डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा। एक भी साइकिल सवार यदि गलती करता है तो उसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा और विश्व रिकॉर्ड से हाथ धोना पड़ेगा। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या इंदौर यह कीर्तिमान रचने में सफल होगा? और सफल हो गया तो उसकी जीत केवल 6 दिन ही बरकरार रह पाएगी। इंदौर में आयोजित इस परेड के रजिस्ट्रेशन के लिए http://icaevent।xyz/registration/ इस वेबसाइट पर जाना होगा। वहीं कोच्चि में आयोजित साइकिल परेड के लिए https://bicycleparade।com/2020/index इस वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। यह विश्व रिकॉर्ड इंदौर के नाम हो या फिर कोच्चि के लेकिन इतना तय है कि तुर्कमेनिस्तान का रिकॉर्ड तोड़ भारत एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करेगा और नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।

 

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