भाजपा ने रचा इतिहास

इस बार के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड जीत मिली। इस बार का चुनाव बेहद ही एतिहासिक रहा। जहां कांग्रेस (Congress) के सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले अमेठी में भाजपा ने जीत का परचम लहरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस 1 या 2 नहीं बल्कि पूरे 18 राज्यों में अपना खाता तक नहीं खोल सकी।

इन 18 राज्यों में कांग्रेस पूरी तरह से साफ़ हो गई। पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने जो सपना देखा था उसे भाजपा ने पूरा कर दिखाया। पश्चिम बंगाल में भी इस बार भाजपा ने अपना दम दिखाया और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की बुनियाद को हिला कर रख दिया।

कैलाश हुए सफल

बंगाल के प्रभारी बनाए गए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने कड़ी मेहनत कर बंगाल में 18 सीटें भाजपा के खाते में डालीं। बंगाल में कुल 42 सीटों में से मात्र 22 सीटें ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खाते में गई। इस चुनाव के बाद ममता बनर्जी का बुरा वक़्त शुरू हो गया। जहां भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ममता का किला भेद दिया। वहीं मंगलवार 28 मई को ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका लगा। मंगलवार के दिन टीएमसी के 3 विधायक और 50 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। इस खबर से ममता बनर्जी के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पहली पसंद भाजपा

सुबह खबर मिली थी कि 20 पार्षद भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस दौरान गरीफा वार्ड 6 की टीएमसी की पार्षद रूबी चटर्जी (Ruby Chatterjee) ने दावा किया था कि उनके साथ 19 पार्षद भी भाजपा में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। इस दौरान रूबी ने यह भी कहा कि सभी सिर्फ भाजपा की जीत से प्रभावित हैं लेकिन ममता दीदी से नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता भाजपा को पसंद कर रही है और उनके काम से काफी प्रभावित है।

टीएमसी नेता भाजपा में शामिल

TMC MLA Joined BJP

सभी टीएमसी पार्षदों को भाजपा की सदस्यता खुद पश्चिम बंगाल के प्रभारी भाजप महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दिलवाई। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा में टीएमसी के 50-60 और पार्षद भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बंगाल में लोकसभा चुनाव 7 चरणों में हुए थे, उसी तरह टीएमसी के नेता भी 7 चरणों में भाजपा में शामिल होंगे। यह पहला चरण था।

शुभ्रांसु रॉय ने थमा भाजपा का दामन

टीएमसी के विधायकों और पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से एक बार दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ़ सकता है। ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकुल रॉय (Mukul Roy) के बेटे शुभ्रांसु रॉय (Subhranshu Roy) का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। टीएमसी विधायक शुभ्रांसु रॉय ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इनके अलावा टीएमसी विधायक तुषारक्रांति भट्टाचार्य और सीपीएम विधायक देवेंद्र रॉय ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। ममता दीदी के करीबी मुकुल रॉय साल 2017 में ही टीएमसी छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके हैं। अब उनके बेटे ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है।

दीदी की हिली बुनियाद

इस लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में बेहद हिंसा हुई थी। और इस बार के चुनाव में अपनी हार से ममता बनर्जी इतनी डर गईं की सीएम पद से इस्तीफे की पेशकश भी कर डाली। हालांकि उनका इस्तीफ़ा पार्टी ने नामंजूर कर दिया। बंगाल में हुई हिंसा के बावजूद भी लोगों ने चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ममता बनर्जी की बुनियाद को हिला डाला।

ताजा जानकारी पाने के लिए जुड़े रहिये BNR News के साथ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *