जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले के बाद सभी ने इस हमले पर गहरा दुःख जताया है। इस हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति सभी ने दुःख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस दुखद घड़ी में पूरा देश शहीदों के परिवार के साथ खड़ा हुआ है।

हाईलेवल बैठकों का सिलसिला शुरू

इस हमले के बाद केंद्र सरकार की नींद भी एक बार फिर टूट चुकी है। केंद्र सरकार भी हमले के बाद से हरकत में आ गयी है। मोदी सरकार में यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है, जिसने पूरे देश की नींद हराम कर दी है। इस हमले से सभी की आंखे नम हैं, तो दिलों में शहीद जवानों के बदले की आग है। वहीं अब खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले की कमान अपने हाथ में ले ली है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार हर एक स्तर पर छोटी से छोटी जानकारी ले रहे हैं। राजधानी दिल्ली में हाईलेवल बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है।

राज्यपाल सत्यपाल से राजनाथ ने की बात

कल सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। सूत्रों की माने तो इस बैठक में कोई अहम फैसला लिए जाने के आसार बन रहे हैं। फिलहाल अभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आपात बैठक बुलाई है। वहीं केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने फ़ोन पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बात की।

राजनाथ सिंह जाएंगे जम्मू-कश्मीर

राज्यपाल से बात करने के बाद राजनाथ सिंह ने सीआरपीएफ के महानिदेशक के साथ कल ही जम्मू-कश्मीर जाने का फैसला किया है। वहीं कल NIA की टीम भी जम्मू-कश्मीर रवाना होगी और हमले के हर एक पहलू की गहन जांच करेगी।

सर्जिकल स्ट्राइक की मांग

वहीँ पूरा देश एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सर्जिकल स्ट्राइक की मांग कर रहा है। देश की जनता और जवान आतंकियों द्वारा किए गए इस हमले का बदला चाहते हैं। नरेन्द्र मोदी ने खुद इस मामले की कमान संभाल ली है। ऐसे में एक बार फिर आतंकियों पर भारतीय सेना का कहर टूट सकता है।