मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले में स्थित चंदेरी एक ऐतिहासिक नगर है। मालवा निमाड़ की सीमा पर बसा यह नगर शिवपुरी से लगभग 125 कि.मी. की दूरी पर है। चंदेरी बेटवा नदी के पास बसा पहाड़ीयों, झीलों और वनों से घिरा एक नगर है। यहाँ पर राजपूतों और मालवा के सुल्तानों द्वारा बनवाई गई अनेक इमारतें मौजूद है। इस ऐतिहासिक नगर का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है।

चंदेरी में मुख्य आकर्षण

चंदेरी का किला: चंदेरी का किला पुरे नगर का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। इस किले को बुन्देला राजपूत राजाओं द्वारा बनवाया गया था। यह किला पहाड़ी की एक चोटी पर बना हुआ है जिसकी चोटी नगर से 71 मीटर ऊपर है। इस किले पर कई बार आक्रमण किये गए और अनेक बार इसका पुन: निर्माण किया गया। इस किले में तीन प्रवेश द्वार हैं। सबसे ऊपर के द्वार को हवापुर दरवाज़ा कहा जाता है और सबसे नीचे के द्वार को खूनी दरवाज़ा कहा जाता है। किले के दक्षिण पश्चिम में एक रोचक दरवाज़ा है जिसे कट्टी-घट्टी कहा जाता है।

 

हस्तनिर्मित चन्देरी कपडे: चंदेरी के किले से ज्यादा लोकप्रिय है चंदेरी का हस्तनिर्मित रेशमी कपडा। अनुष्का शर्मा और वरुण धवन की फिल्म “सुई-धागा’ चंदेरी में बनाई गई थी जिसमे चंदेरी के हस्तनिर्मित कपड़ो को दर्शाया गया था। चंदेरी के कपडे देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोकप्रिय है। चंदेरी अपनी बुन्देलखण्डी शैली में बनी हस्तनिर्मित साड़ियों, सलवार सूट के लिये काफी मशहूर है। इन कपड़ो को बनाने की कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है जिसकी वजह से यह कपडे बहुत महंगे मिलते है। कहा जाता है कि,चंदेरी फैब्रिक की खोज शिशुपाल (भगवान श्रीकृष्ण की बुआ के बेटे) ने की थी।

  • यहाँ से ख़रीदे हस्तनिर्मित चंदेरी के रेशमी कपडे: चंदेरी के कपड़ो (Chanderi Silk Suits) को बनाने की कला दिन प्रतिदिन लुप्त होती जा रही है इसलिए यह कपड़े आसानी से नहीं मिलते है। इन्टरनेट पर कई वेबसाइट पर चंदेरी के कपडे बेचे जाते है मगर वे असली है या नकली इसकी कोई पहचान नहीं हो पाती। यदि आप चंदेरी के हस्तनिर्मित रेशमी कपड़ो को घर बेठे मंगवाना चाहते है तो indorecloth.com से  मंगवा सकते हो। हमारी न्यूज़ टीम ने इंदौर क्लॉथ की वेबसाइट को सत्यापित किया है।

 

चंदेरी पुरातात्विक संग्रहालय: चंदेरी पुरातात्विक संग्रहालय का निर्माण चंदेरी के इतिहास और संस्कृति को जीवित रखने के लिए किया गया है। इस संग्रहालय में पाए जाने वाले स्थापत्य स्मारक और मूर्तियाँ चंदेरी और इसके आसपास के स्थानों से लाए गए हैं तथा स्थानीय लोगों द्वारा किये गए संग्रह से एकत्रित किये गए हैं।

 

तो यदि आप कोई ट्रिप/पिकनिक प्लान कर रहे है तो चंदेरी जरुर जाये। पहाड़ीयों, झीलों और वनों से घिरे चंदेरी नगर में आपका समय बहुत ही सुकून से गुजरेगा।

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