बीमा अस्पताल का तोहफा

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी आयुष्मान योजना लागू की गई है ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपना इलाज करा सके। इस योजना का लाभ कई परिवारों को मिल चुका है लेकिन देश में कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अभी तक किसी भी प्रकार की योजना का लाभ नहीं मिला है ना ही उनका इलाज हो पा रहा है। लेकिन अब श्रम मंत्रालय ने आम जनता के लिए भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के अस्पतालों के द्वार खोल दिए हैं।

आम नागरिकों का भी होगा ESIC में इलाज

जी हाँ अब आम नागरिक भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पताल में इलाज करा सकेंगे। ईएसआईसी ने अब अपने अंशधारकों के अलावा आम नागरिकों को भी अपने अस्पताल में इलाज करवाने की अनुमति प्रदान कर दी है। श्रम मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रम मंत्री सतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में 5 दिसम्बर को आयोजित हुई ईएसआईसी की बैठक में यह फैसला लिया गया। ईएसआईसी ने आम जनता को अपने उन अस्पतालों से इलाज करवाने की अनुमति प्रदान की है जहाँ ईएसआईसी के अस्पताल अपने संसाधनों का पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

सस्ती दर पर होगा इलाज

ईएसआईसी के इस फैसले से अब कई नागरिकों को फायदा होगा और उन्हें इलाज करवाने में काफी मदद मिल सकेगी। बेहद सस्ती दर पर लोग अपना इलाज करवा सकेगे और अस्पताल भी अपने संसाधनों को पूर्ण उपयोग कर सकेगा। ईएसआईसी के अस्पताल में आम जन को इलाज करवाने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं और उन्हें क्या दर से पैसा देना होगा यह भी बताया गया है।

मात्र 10 रुपए में इलाज

इसके लिए लोगों को बाह्य रोगी विभाग यानी कि ओपीडी पर जाकर परामर्श के लिए एक पर्ची बनवानी पड़ेगी जिसके लिए उन्हें केवल 10 रुपए का शुल्क देना होगा। इसी तरह अगर गंभीर बीमारी की स्थिति में अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति बनती है तब केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवा पैकेज की राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा। इसके अलावा ईएसआईसी ने इसके साथ एक योजना भी लागू की है जिसका नाम पायलट प्रोग्राम रखा गया है। पायलट प्रोग्राम के तहत शुरूआती एक साल के लिए ईएसआईसी लोगों को वास्तविक दर पर दवाइयाँ भी उपलब्ध कराएगा।