लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। पूरे देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार चुनाव आयोग भी आचार संहिता को लेकर काफी कड़ा रुख इख्तियार किए हुए है। इस बार आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से तैयार है। लोकसभा चुनाव से पूर्व लगी आचार संहिता के लिए चुनाव आयोग ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। चुनाव आयोग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर 1095 जारी किया गया है। एसे में कांग्रेस का काला सच आग की तरह वायरल हो रहा है, क्या है वो कांग्रेस का काला सच ? आइये हम आपको बताते है…

आचार संहिता उल्लंघन पर एक्शन

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों की जानकारी दे सकता है। चुनाव आयोग का दावा है कि शिकायत मिलने के महज 100 मिनट के अंदर ही आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हालांकि हर बार लोकसभा चुनाव से पूर्व आचार संहिता को लेकर आम नागरिकों को भी गलत जानकारियां दी जाती हैं। कई लोग खुलेआम आचार सहिंता का उल्लंघन करते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए चुनाव आयोग ने यह हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

लोकसभा चुनाव की तैयारी

लोकसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद से सभी राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी बैठकें कर लोकसभा चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने 12 मार्च को 58 साल बाद गुजरात में अपनी वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की। महासचिव बनने के बाद पहली बार प्रियंका गांधी ने चुनावी रैली को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव के माद्देनजर आयोजित की गई इस बैठक में प्रियंका ने भाजपा और प्रधानमन्त्री मोदी पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में  बेरोजगारी, किसान, महिलाओं की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। इन मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए।

कांग्रेस ने लगाये आरोप

प्रियंका और राहुल ने रैली के संबोधन में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा, देश के किसान परेशान हैं। कुछ लोग देश कमजोर कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री ने कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं देश का चौकीदार बनाइए। नरेंद्र मोदी देश को ये नहीं बताते कि वायुसेना की जेब से 30 हजार करोड़ रुपये चोरी करके अनिल अंबानी की जेब में डाला है। राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री देशभक्ति की बात करते हैं। पुलवामा में मसूद अजहर ने हमला कराया। मैं मोदी जी से पूछता हूं कि इस मसूद अजहर को हिंदुस्तान की जेल से पाकिस्तान किसने भेजा? वाजपेयी जी की सरकार ने विमान में उसे भेजा, पैसा देकर कंधार पहुंचाया? देश को बताइए कि मसूद अजहर को कांग्रेस ने पकड़ कर जेल में डाला था और आपने उसे रिहा कर दिया?” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि मसूद को भाजपा ने पाकिस्तान भेजा।

कांग्रेस का काला सच

कांग्रेस अध्यक्ष इस बात को भूल गए कि उनकी पार्टी के शासन में कितने आतंकियों को रिहा किया गया। यहां यह बात जानना जरूरी है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए गैस काण्ड के आरोपी एंडरसन को कांग्रेस के शासनकाल में छोड़ा गया। इस गैस त्रासदी में 10 हजार लोगों की जानें गई और लगभग 3 लाख लोग अपाहिज हो गए।

इतना ही नहीं कांग्रेस के शासन के दौरान 1989 में केन्द्रीय गृहमंत्री मुफ़्ती मुहम्मद सैय्यद के बेटे के अपहरण किया गया। इसका नतीजा 13 आतंकियों की रिहाई के रूप में सामने आया। इसके बाद कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता सैफुदीन सौज के बेटे को 1991 में अपहृत कर लिया गया। जिसे छुडाने के लिए कांग्रेस ने 7 आतंकियों को रिहा किया। इसके बाद गुलाम नबी आजाद के साले को भी उसी साल अपहृत किया गया। गुलाम नबी उस वक़्त राज्यसभा में कांग्रेस के नेता थे। उनके साले के अपहरण के बाद 21 आतंकियों को रिहा किया गया।

“जिनके घर शीशे के हों वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते”

यह सिर्फ कुछ उदाहरण है, कांग्रेस के शासन में कई आतंकियों को रिहा किया गया था। मसूद को रिहा करने के पीछे का मकसद उस विमान के यात्रियों को बचाना था जिसे मसूद के साले ने हाईजैक किया था। कांग्रेस को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले खुद की गिरेहबान में जरूर झांक लेना चाहिए। कांग्रेस का काला सच किसी से छुपा नहीं है। जनता हर सवाल का जवाब जरूर पूछती है लेकिन सही वक़्त पर। एक कहावत कांग्रेस पर बिलकुल सटीक बैठती है, ‘जिनके घर शीशे के हों वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। पार्टी चाहे जो कोई भी हो, आतंकियों को रिहा करने के पीछे सभी का सिर्फ एक मकसद होता है, जनता की सुरक्षा।

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