लोकसभा चुनाव कि तैयारियों में सभी राजनीतिक दल जुटे हुए हैं। ऐसे में सभी दल एक दूसरे पर तंज कसने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अपने तीन राज्य गंवाने वाली भारतीय जनता पार्टी पर, एक तरफ आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों का भार सिर पर है, तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू ने जकड़ लिया है। भाजपा के लिए जहां अभी मुश्किल का दौर है, वहीं कांग्रेस को भाजपा पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया है। अमित शाह की बीमारी को लेकर कांग्रेस के एक नेता ने विवादित बयान दे डाला। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के बुखार के बारे में टिप्पणी करते हुए कांग्रेसी नेता ने कहा कि, उन्हें कोई आम बुखार नहीं बल्कि सूअर बुखार हुआ है। इस विवादित टिप्पणी के बाद से राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है।

यह विवादित बयान कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद ने दिया है। हरिप्रसाद ने कहा कि हमारे कुछ विधायकों की वापसी से अमित शाह इतने डर गए हैं, कि उन्हें बुखार आ गया है। उनको कोई आम बुखार नहीं हुआ है, उनको सूअर का बुखार हुआ है। इतना ही नहीं, हरिप्रसाद ने आगे कहा कि “यदि वह कर्नाटक की सरकार को गिराने की कोशिश करेंगे तो वह यह जान जाएं, कि उनको सिर्फ़ स्वाइन फ्लू नहीं बल्कि उल्टी और लूज मोशन भी हो जाएगा।” कांग्रेसी नेता द्वारा दिए गए इस विवादित बयान के बाद भाजपा की तरफ से पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, जिस तरह की बेहद शर्मनाक, बेहद गन्दी और बेहद बेहूदा टिप्पणी कांग्रेसी नेता के द्वारा, अमित शाह के स्वास्थ्य के बारे में की गई हैं, वह कांग्रेस के स्तर और घटियापन को दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तो फ्लू का इलाज करा ही रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की मानसिक बीमारी का उपचार मुश्किल है। कांग्रेस नेता के इस विवादित बयानबाजी के बाद कांग्रेसी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी सफाई देती नज़र आईं। प्रियंका ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी की राय साफ बता दी है कि हमारे किसी भी विरोधी नेता की अच्छी सेहत की हम कामना करते हैं। मुझे नहीं लगता इसके बारे में पार्टी अध्यक्ष के बयान के बाद कोई सवाल रह जाता है।”

गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू से ग्रसित अमित शाह दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें अगले दो-तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा जा सकता है। इस बात की जानकारी खुद अमित शाह ने ट्वीट के माध्यम से दी है।