देश में लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्यौहार मतलब लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) चल रहा है। तीन चरण के मतदान संपन्न हो चुके है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के प्रचार तेज हो चुके हैं और जुबानी जंग भी आक्रामक रुख इख्तियार कर चुकी है। 26 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में लगभग 1 किमी. लम्बे रोड शो के बाद अपना नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान भारी तादात में भीड़ जमा हुई। इसके बाद पीएम मोदी ने भोपाल से चुनावी मैदान में उतरी साध्वी प्रज्ञा के बयानों का समर्थन किया। हालांकि इस बार भोपाल सीट पर काफी घमासान मचा हुआ है। एक तरफ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह।

Digvijay Singh

विजयवर्गीय की शिकायत

चुनाव आयोग ने धार्मिक आधार पर बयानबाजी करने पर प्रज्ञा पर केस दर्ज किया है। वहीं अब प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग जाकर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की शिकायत भी कर डाली है। प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि कैलाश विजयवर्गीय भी धर्म से जुडी बयानबाजी कर रहे हैं। चुनाव आयोग से की अपनी शिकायत में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कैलाश विजयवर्गीय ने धर्म विशेष को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया है। वे भोपाल सीट पर धार्मिक ध्रुवीकरण कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विजयवर्गीय ने अपने एक बयान में कहा था कि, “अब हिन्दुओं को तय करना है कि हिन्दू आतंकवादी है या नहीं है?  इसका जवाब अपने वोट के माध्यम से दें।”

Pragya Thakur

आचार संहिता का उल्लंघन

गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय ने यह बयान इंदौर शहर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दिया था। इस बयान को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग के पास शिकायत लेकर पहुंच गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा महासचिव का यह बयान एक धर्म विशेष को लेकर किया गया है। यह पूरी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी धर्म के नाम पर वोट मांगना आचार संहिता का उल्लंघन होता है। और कैलाश ने धर्म के नाम पर वोट करने की अपील कर इसका उल्लंघन किया है। कैलाश के इस बयान के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने चुनाव आयोग से शिकायत की है।

Kailash Vijayvargiya

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि भोपाल के मतदाता जागरूक हैं और वे भाजपा द्वारा किए जा रहे धार्मिक ध्रुवीकरण का मुह तोड़ जवाब देंगे। भाजपा के इस प्रयास को राजधानी के मतदाता सफल नहीं होने देंगे। इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग से इस बयान पर संज्ञान लेने की अपील की है। नीलाभ शुक्ला  ने कहा, “हमारी मांग है कि जिला निर्वाचन कार्यालय भी इस बयान का संज्ञान लेकर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कराए।” इतना ही नहीं उन्होंने आयोग से कैलाश के प्रचार भी रोक लगाने की मांग की है।

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