क्या है गन्ना पर्ची कैलंडर?

भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि भारत देश का प्रधान व्यवसाय है। किसानों को अन्नदाता कहा जाता है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग फसलों की खेती की जाती है। उत्तर प्रदेश गन्ने के उत्पादन में देश में सबसे अग्रणी है। पूरे देश में सर्वाधिक गन्ने का उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है। लेकिन हमारे देश में किसानों की स्थति काफी दयनीय है। चीनी मिलों की मनमानी और उचित मूल्य का भुगतान न किए जाने से किसान काफी परेशान हैं। ऐसे में सरकार द्वारा गन्ना किसानों का समर्थन मूल्य (MSP) बढाया गया ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। गन्ना किसानों की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है गन्ना पर्ची कैलेण्डर (Ganna Parchi Calendar)। गन्ना पर्ची न मिल पाने की वजह से उनका गन्ना बर्बाद हो जाता था। इसके लिए भी सरकार द्वारा उचित कदम उठाया गया है।

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कई लोगों के मन में सवाल होगा कि आखिर गन्ना पर्ची कैलंडर (Ganna Parchi Calendar) होता क्या है? तो आपकी परेशानी हम दूर कर देते हैं। दरअसल चीनी मिल समस्त गन्ना किसानों के खेत और उनकी फसलों का सर्वे करती हैं। इसके बाद मिल अपनी क्षमता के अनुसार किसानों से उनका गन्ना खरीदती हैं। लेकिन कई किसानों से एक ही दिन और एक साथ इतना गन्ना नहीं खरीदा जा सकता।

इसके लिए मिल द्वारा किसानों को पर्ची आवंटित की जाती हैं। पर्ची पर किसानों द्वारा उनकी फसल के बारे में दी गई जानकारी और फसल की तौल की तारीख अंकित होती है। यह गन्ना पर्ची किसान को दी जाती है। इसके बाद किसान निर्धारित तारीख पर मिल जाकर अपना गन्ना बेचता है। वहीं कैलंडर में हर साल का ब्यौरा रहता है। जैसे किस किसान से कितना गन्ना लिया गया। उसका भुगतान पूरा हुआ या नहीं? किसान के पास कृषि योग्य कितनी भूमि है आदि।

मिलो को गन्ना आपूर्ति

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उत्तर प्रदेश में 42 लाख गन्ना किसान हैं। इन सभी किसानों के गन्ने की आपूर्ति प्रदेश की कुल 119 चीनी मिलों को कराई जाती है। मिलों को गन्ने की आपूर्ति सहकारी गन्ना विकास समिति (cooperative sugar cane development council) और चीनी मिल समिति (Sugar mill committee) कराती है। उत्तर प्रदेश में 169 सहकारी गन्ना विकास समिति और 14 चीनी मिल समितियां हैं। प्रत्येक चीनी मिल प्रतिवर्ष नियमति अवधि में पेराई सत्र संचालित करती है। इसी अवधि के दौरान किसानों से गन्ने की आपूर्ति कराई जाती है। इसके लिए सट्टा नीति अपनाई जाती है। यह समितियां मिलों की पेराई क्षमता, गन्ना उत्पादन और मिलों में गन्ने की उपलब्धता के बीच संतुलन रखती हैं। इसके लिए हर किसान का एक बेसिक कोटा तय किया जाता है। जिसकी गणना समितियों द्वारा की जाती है।

क्या होता है सट्टा

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जो किसान नियमति रूप से इन समितियों के सदस्य होते हैं, उनके लिए समितियां सट्टा निर्धारित करती है। सट्टे से तात्पर्य है, मिलों को सोंपे जाने वाले गन्ने का निर्धारण। इसके लिए समितियों द्वारा किसानों की भूमि और फसल का आकलन किया जाता है। किसान द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर सट्टा निर्धारित किया जाता है। सभी किसानों की जानकरी के अनुसार मिलों को गन्ने की उपलब्धता का पता लगाया जाता है। इसके बाद मिल द्वारा किसानों को पर्ची जारी की जाती है। इस गन्ना पर्ची के बाद ही किसान अपना गन्ना मिल को बेच पाते हैं। किसानों से गन्ने को खरीदने के लिए क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्र पर किसान, गन्ना पर्ची दिखाकर अपना गन्ना बेच सकता है।

कहां देखें Ganna Parchi Calendar

how to read Ganna Parchi Calendar

पहले के समय में मिल द्वारा समितियों को मिल खुलने के 4 दिवस पूर्व सूचित किया जाता था। उसी समय मिल, समितियों को गन्ना पर्ची कैलंडर देती थी। इसके बाद समितियों द्वारा किसानों को पर्चियों और कैलंडर की सूचना दी जाती थी। ऐसे में कई बार पर्ची देर से मिल पाने या न मिल पाने के कारण कई किसानों की फसल बर्बाद हो जाती थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन गन्ना पर्ची कलेंडर के लिए एक वेबसाइट का निर्माण किया गया। अब किसान http://www.kisaan.net वेबसाइट पर जाकर कभी भी अपना गन्ना पर्ची कैलंडर देख सकते हैं। किसानों की परेशानी दूर करने के लिए इस वेबसाइट का निर्माण किया गया है। इसे कंप्यूटर या मोबाइल से देखा जा सकता है। अब समस्त गन्ना किसान कभी भी और कहीं से भी इसे देख सकते हैं।

कैसे देखें Ganna Parchi Calendar

गन्ना पर्ची कैलंडर देखने के लिए सबसे पहले गूगल पर http://www.kisaan.net वेबसाइट पर जाना होगा।

इसके बाद आपको एक कोड दिया जाएगा जिसे आपको भरकर साइट पर लॉग-इन करना होगा।

Ganna Parchi Calendar kisaan.net login

लॉग-इन करते ही आपके सामने इस तरह की जानकारी वाला पेज आ जाएगा। अब आप यहां कैलेण्डर को चुने।

Ganna Parchi Calendar kaise dekhe

इसके बाद आपको दी गई जानकारियों को भरना होगा। इसमें आपको समिति, क्रय केंद्र, गांव और खुद का नाम चुनना होगा। इसके बाद दिए गए कोड को दर्ज कर “गन्ना सम्बन्धी सूचना प्राप्त करें” पर क्लिक करना होगा।

How to use Ganna Parchi Calendar kisaan.net

इसके बाद आपके सामने गन्ना पर्ची कैलेण्डर आ जाएगा।

Ganna Parchi Calendar kisaan.net

यहां आपको आपकी फसल के बारे में सम्पूर्ण ब्यौरा मिल जाएगा। आप चाहें तो किसी भी सत्र का ब्यौरा यहां से प्राप्त कर सकते हैं। यहां आपको गन्ना कैलेण्डर, गन्ना रसीद और भुगतान से जुड़ी सभी जानकारियां मिल जाएंगी।

 

Toll Free Number For Ganna Kisaan

योगी सरकार ने गन्ना किसान की पूर्ण रूप से मदद के लिए Toll Free Helpline Number जारी किया है, जहा फ़ोन करने पर किसान भाई को हर तरह की समस्या से छुटकारा मिलेगा | किसान भाई की समस्या और शिकायत दुर करने के लिए ही यह टोल फ्री नंबर जारी किया गया है | Toll Free Number 1800-121-3203 पर कॉल करके किसान अपनी शिकायत दर्ज कर पाएंगे |  इस नंबर पर कॉल करके अन्य जानकारी भी भी मिलेगी जैसे किसान और कृषि से जुडी योजनाओं की जानकारी |

 

गन्ने की फसल का भुगतान

गौरतलब है कि गन्ना पर्ची मिलने के बाद किसानो से चीनी मिल गन्ना खरीदती हैं। गन्ने का भुगतान मिलों द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी भी किसान को नकद भुगतान नहीं किया जाता। अगर कोई मिल नकद भुगतान करती है तो उसके खिलाफ कनूनी कार्रवाई की जाती है। यदि कोई मिल भुगतान करने में आनाकानी करती तब मिल मालिक के खिलाफ एक्शन लिया जाता है। गन्ना मूल्य का भुगतान बैंकों के माध्यम से किया जाता है। बैंक एडवाइज के माध्यम से इसका भुगतान किया जाता है। किसानों का खाता निकटवर्ती बैंक में खुलवाया जाता है। अगर किसी कारणवश किसी किसान का बैंक खाता नहीं खोला जा सकता, तो उसे अकाउंटपेयी चेक से भुगतान किया जाता है। मिल द्वारा भुगतान किए जाने पर बैंक एडवाइज की एक कॉपी मिल समिति को भेजी जाती है।

केन इम्प्लीमेंटेशन कमेटी

sugar mill

प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र हेतु एक केन इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (Ken Implementation Committee) का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष सम्बन्धित जिले के गन्ना अधिकारी होंगे। इस कमेटी के सदस्य के रूप में सभी समितियों के सभापति और सचिव होंगे। इसके अलावा मिल के गन्ना प्रबंधक भी इस कमेटी के सदस्य होंगे। पेराई सत्र की अवधि में प्रत्येक माह दो बार इस कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक माह 2 और 17 तारीख को इस कमेटी की बैठक होगी। इन बैठकों में गन्ने की उपलब्धता, किसानों के सट्टे में संशोधन, क्रय केन्द्रों का संचालन, गन्ना मूल्य का भुगतान, कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था और पेराई की प्रगति आदि के बारे में समीक्षा की जाएगी।

उचित मूल्य

Sugar cane farmer

प्रदेश के गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। गन्ना किसानों की हर परेशानी को खत्म करने के लिए समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। गन्ना किसानों की फसल को मिल तक पहुंचाने और मूल्य का भुगतान करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। किसानों को फसलों की पैदावार बढाने के लिए उचित परामर्श दिलवाया जा रहा है। गन्ना कृषकों की बेसिक फसल को मिल द्वारा खरीदने जाने के बाद, शेष फसल को गुड़ और खाण्डसारी इकाइयों को बेचने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। बची हुई फसल गुड़ और खाण्डसारी इकाइयों को बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें, इस दिशा में काम किया जा रहा है।

 

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