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क्या है गन्ना पर्ची कैलंडर?

भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि भारत देश का प्रधान व्यवसाय है। किसानों को अन्नदाता कहा जाता है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग फसलों की खेती की जाती है। उत्तर प्रदेश गन्ने के उत्पादन में देश में सबसे अग्रणी है। पूरे देश में सर्वाधिक गन्ने का उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है। लेकिन हमारे देश में किसानों की स्थति काफी दयनीय है। चीनी मिलों की मनमानी और उचित मूल्य का भुगतान न किए जाने से किसान काफी परेशान हैं। ऐसे में सरकार द्वारा गन्ना किसानों का समर्थन मूल्य (MSP) बढाया गया ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। गन्ना किसानों की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है गन्ना पर्ची कैलेण्डर (Ganna Parchi Calendar)। गन्ना पर्ची न मिल पाने की वजह से उनका गन्ना बर्बाद हो जाता था। इसके लिए भी सरकार द्वारा उचित कदम उठाया गया है।

what is ganna parchi calendar kisaan.net

कई लोगों के मन में सवाल होगा कि आखिर गन्ना पर्ची कैलंडर (Ganna Parchi Calendar) होता क्या है? तो आपकी परेशानी हम दूर कर देते हैं। दरअसल चीनी मिल समस्त गन्ना किसानों के खेत और उनकी फसलों का सर्वे करती हैं। इसके बाद मिल अपनी क्षमता के अनुसार किसानों से उनका गन्ना खरीदती हैं। लेकिन कई किसानों से एक ही दिन और एक साथ इतना गन्ना नहीं खरीदा जा सकता।

इसके लिए मिल द्वारा किसानों को पर्ची आवंटित की जाती हैं। पर्ची पर किसानों द्वारा उनकी फसल के बारे में दी गई जानकारी और फसल की तौल की तारीख अंकित होती है। यह गन्ना पर्ची किसान को दी जाती है। इसके बाद किसान निर्धारित तारीख पर मिल जाकर अपना गन्ना बेचता है। वहीं कैलंडर में हर साल का ब्यौरा रहता है। जैसे किस किसान से कितना गन्ना लिया गया। उसका भुगतान पूरा हुआ या नहीं? किसान के पास कृषि योग्य कितनी भूमि है आदि।

मिलो को गन्ना आपूर्ति

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उत्तर प्रदेश में 42 लाख गन्ना किसान हैं। इन सभी किसानों के गन्ने की आपूर्ति प्रदेश की कुल 119 चीनी मिलों को कराई जाती है। मिलों को गन्ने की आपूर्ति सहकारी गन्ना विकास समिति (cooperative sugar cane development council) और चीनी मिल समिति (Sugar mill committee) कराती है। उत्तर प्रदेश में 169 सहकारी गन्ना विकास समिति और 14 चीनी मिल समितियां हैं। प्रत्येक चीनी मिल प्रतिवर्ष नियमति अवधि में पेराई सत्र संचालित करती है। इसी अवधि के दौरान किसानों से गन्ने की आपूर्ति कराई जाती है। इसके लिए सट्टा नीति अपनाई जाती है। यह समितियां मिलों की पेराई क्षमता, गन्ना उत्पादन और मिलों में गन्ने की उपलब्धता के बीच संतुलन रखती हैं। इसके लिए हर किसान का एक बेसिक कोटा तय किया जाता है। जिसकी गणना समितियों द्वारा की जाती है।

क्या होता है सट्टा

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जो किसान नियमति रूप से इन समितियों के सदस्य होते हैं, उनके लिए समितियां सट्टा निर्धारित करती है। सट्टे से तात्पर्य है, मिलों को सोंपे जाने वाले गन्ने का निर्धारण। इसके लिए समितियों द्वारा किसानों की भूमि और फसल का आकलन किया जाता है। किसान द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर सट्टा निर्धारित किया जाता है। सभी किसानों की जानकरी के अनुसार मिलों को गन्ने की उपलब्धता का पता लगाया जाता है। इसके बाद मिल द्वारा किसानों को पर्ची जारी की जाती है। इस गन्ना पर्ची के बाद ही किसान अपना गन्ना मिल को बेच पाते हैं। किसानों से गन्ने को खरीदने के लिए क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्र पर किसान, गन्ना पर्ची दिखाकर अपना गन्ना बेच सकता है।

कहां देखें Ganna Parchi Calendar

how to read Ganna Parchi Calendar

पहले के समय में मिल द्वारा समितियों को मिल खुलने के 4 दिवस पूर्व सूचित किया जाता था। उसी समय मिल, समितियों को गन्ना पर्ची कैलंडर देती थी। इसके बाद समितियों द्वारा किसानों को पर्चियों और कैलंडर की सूचना दी जाती थी। ऐसे में कई बार पर्ची देर से मिल पाने या न मिल पाने के कारण कई किसानों की फसल बर्बाद हो जाती थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन गन्ना पर्ची कलेंडर के लिए एक वेबसाइट का निर्माण किया गया। अब किसान http://www.kisaan.net वेबसाइट पर जाकर कभी भी अपना गन्ना पर्ची कैलंडर देख सकते हैं। किसानों की परेशानी दूर करने के लिए इस वेबसाइट का निर्माण किया गया है। इसे कंप्यूटर या मोबाइल से देखा जा सकता है। अब समस्त गन्ना किसान कभी भी और कहीं से भी इसे देख सकते हैं।

कैसे देखें Ganna Parchi Calendar

गन्ना पर्ची कैलंडर देखने के लिए सबसे पहले गूगल पर http://www.kisaan.net वेबसाइट पर जाना होगा।

इसके बाद आपको एक कोड दिया जाएगा जिसे आपको भरकर साइट पर लॉग-इन करना होगा।

Ganna Parchi Calendar kisaan.net login

लॉग-इन करते ही आपके सामने इस तरह की जानकारी वाला पेज आ जाएगा। अब आप यहां कैलेण्डर को चुने।

Ganna Parchi Calendar kaise dekhe

इसके बाद आपको दी गई जानकारियों को भरना होगा। इसमें आपको समिति, क्रय केंद्र, गांव और खुद का नाम चुनना होगा। इसके बाद दिए गए कोड को दर्ज कर “गन्ना सम्बन्धी सूचना प्राप्त करें” पर क्लिक करना होगा।

How to use Ganna Parchi Calendar kisaan.net

इसके बाद आपके सामने गन्ना पर्ची कैलेण्डर आ जाएगा।

Ganna Parchi Calendar kisaan.net

यहां आपको आपकी फसल के बारे में सम्पूर्ण ब्यौरा मिल जाएगा। आप चाहें तो किसी भी सत्र का ब्यौरा यहां से प्राप्त कर सकते हैं। यहां आपको गन्ना कैलेण्डर, गन्ना रसीद और भुगतान से जुड़ी सभी जानकारियां मिल जाएंगी।

Toll Free Number For Ganna Kisaan

योगी सरकार ने गन्ना किसान की पूर्ण रूप से मदद के लिए Toll Free Helpline Number जारी किया है, जहा फ़ोन करने पर किसान भाई को हर तरह की समस्या से छुटकारा मिलेगा | किसान भाई की समस्या और शिकायत दुर करने के लिए ही यह टोल फ्री नंबर जारी किया गया है | Toll Free Number 1800-121-3203 पर कॉल करके किसान अपनी शिकायत दर्ज कर पाएंगे |  इस नंबर पर कॉल करके अन्य जानकारी भी भी मिलेगी जैसे किसान और कृषि से जुडी योजनाओं की जानकारी |

गन्ने की फसल का भुगतान

गौरतलब है कि गन्ना पर्ची मिलने के बाद किसानो से चीनी मिल गन्ना खरीदती हैं। गन्ने का भुगतान मिलों द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी भी किसान को नकद भुगतान नहीं किया जाता। अगर कोई मिल नकद भुगतान करती है तो उसके खिलाफ कनूनी कार्रवाई की जाती है। यदि कोई मिल भुगतान करने में आनाकानी करती तब मिल मालिक के खिलाफ एक्शन लिया जाता है। गन्ना मूल्य का भुगतान बैंकों के माध्यम से किया जाता है। बैंक एडवाइज के माध्यम से इसका भुगतान किया जाता है। किसानों का खाता निकटवर्ती बैंक में खुलवाया जाता है। अगर किसी कारणवश किसी किसान का बैंक खाता नहीं खोला जा सकता, तो उसे अकाउंटपेयी चेक से भुगतान किया जाता है। मिल द्वारा भुगतान किए जाने पर बैंक एडवाइज की एक कॉपी मिल समिति को भेजी जाती है।

केन इम्प्लीमेंटेशन कमेटी

sugar mill

प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र हेतु एक केन इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (Ken Implementation Committee) का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष सम्बन्धित जिले के गन्ना अधिकारी होंगे। इस कमेटी के सदस्य के रूप में सभी समितियों के सभापति और सचिव होंगे। इसके अलावा मिल के गन्ना प्रबंधक भी इस कमेटी के सदस्य होंगे। पेराई सत्र की अवधि में प्रत्येक माह दो बार इस कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक माह 2 और 17 तारीख को इस कमेटी की बैठक होगी। इन बैठकों में गन्ने की उपलब्धता, किसानों के सट्टे में संशोधन, क्रय केन्द्रों का संचालन, गन्ना मूल्य का भुगतान, कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था और पेराई की प्रगति आदि के बारे में समीक्षा की जाएगी।

उचित मूल्य

Sugar cane farmer

प्रदेश के गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। गन्ना किसानों की हर परेशानी को खत्म करने के लिए समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। गन्ना किसानों की फसल को मिल तक पहुंचाने और मूल्य का भुगतान करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। किसानों को फसलों की पैदावार बढाने के लिए उचित परामर्श दिलवाया जा रहा है। गन्ना कृषकों की बेसिक फसल को मिल द्वारा खरीदने जाने के बाद, शेष फसल को गुड़ और खाण्डसारी इकाइयों को बेचने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। बची हुई फसल गुड़ और खाण्डसारी इकाइयों को बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें, इस दिशा में काम किया जा रहा है।

चीनी मिलों की वेबसाइट

चूंकि उत्तर प्रदेश में कुल 119 चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति कराई जाती है और गन्ना किसान सरकार द्वारा संचालित की जा रही वेबसाइट http://www.kisaan.net पर जाकर गन्ना पर्ची कैलेंडर आसानी से देख सकते हैं। इस वेबसाइट को कहीं से भी और कभी भी देखा जा सकता है। हालांकि कुछ गन्ना मिलों ने अपनी वेबसाइट भी बनाई है। मिलों की वेबसाइट पर जाकर गन्ना किसान अन्य कई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। हम आपको यहां समस्त गन्ना मिलों की वेबसाइट की सूची दे रहे हैं। आप इन वेबसाइट पर जाकर समस्त तरह की जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

क्र सं० नाम जनपद नाम चीनी मिल वेबसाईट
1 सहारनपुर देवबन्द www.kisaan.net/
2 सरसावा (सहकारी) www.upsugarfed.org
3 ननौता (सहकारी) www.upsugarfed.org
4 गागनौली www.bhlcane.com
5 शेरमऊ www.kisaan.net
6 मुजफ्फरनगर मन्सूरपुर www.krishakmitra.com
7 खतौली www.kisaan.net/
8 रोहाना www.kisaan.net
9 मोरना (सहकारी) www.upsugarfed.org
10 तितावी www.kisaan.net
11 टिकौला www.kisaan.net
12 बुढाना www.bhlcane.com
13 खाईखेडी www.kisaan.net
14 शामली ऊन www.kisaan.net
15 थानाभवन www.bhlcane.com
16 शामली www.kisaan.net
17 मेरठ सकौती www.kisaan.net
18 दौराला www.kisaan.net
19 मवाना www.kisaan.net
20 किनौनी www.bhlcane.com
21 नगलामल www.kisaan.net
22 बागपत रमाला (सहकारी) www.upsugarfed.org
23 मलकपुर www.kisaan.net
24 गाज़ियाबाद मोदीनगर www.kisaan.net
25 हापुड़ सिम्भावली www.kisaan.net
26 ब्रजनाथपुर www.kisaan.net
27 बुलन्दशहर अनूपशहर (सहकारी) www.upsugarfed.org
28 अगौता www.kisaan.net
29 साबितगढ www.kisaan.net
30 बिजनौर धामपुर www.krishakmitra.com
31 स्योहारा www.kisaan.net
32 बिजनौर www.wavesuger.com
33 चान्दपुर www.pbsfoods.in
34 स्नेहरोड (सहकारी) www.upsugarfed.org
35 बहादुरपुर www.kisaansoochna.dwarikesh.com
36 बरकतपुर www.kisaan.net
37 बुन्दकी www.kisaansoochna.dwarikesh.com
38 बिलाई www.bhlcane.com
39 अमरोहा चंदनपुर www.kisaan.net
40 धनुरा www.wavecane.in
41 गजरौला (सहकारी) www.upsugarfed.org
42 मुरादाबाद रानीनागल www.kisaan.net
43 बिलारी www.shreeajudhiasugar.com/
44 अगवानपुर www.dewansugarsindia.com
45 बेलवाडा www.kisaan.net
46 संभल असमौली www.krishakmitra.com
47 रजपुरा www.krishakmitra.com
48 रामपुर बिलासपुर www.upsugarfed.org
49 मि.नरायनपुर www.kisaan.net
50 करीमगंज www.kisaan.net
51 पीलीभीत पीलीभीत www.lhsugar.in
52 बीसलपुर (सहकारी) www.upsugarfed.org
53 पूरनपुर (सहकारी) www.upsugarfed.org
54 बरखेडा www.bhlcane.com
55 बरेली बहेडी www.kisaan.net
56 सेमिखेरा (सहकारी) www.upsugarfed.org
57 मीरगंज www.krishakmitra.com
58 नवाबगंज www.oswalsugar.com
59 फ़रीदपुर www.kisaansoochna.dwarikesh.com
60 बदायूँ बिसौली www.kisaan.org
61 बदायूँ (सहकारी) www.upsugarfed.org
62 कासगंज न्योली www.kisaan.org
63 शाहजहाँपुर रोज़ा www.kisaan.net/
64 तिहार (सहकारी) www.upsugarfed.org
65 निगोही www.kisaan.net
66 मकसूदापुर www.bhlcane.com
67 पुवायां (सहकारी) www.upsugarfed.org/sisl-india.com
68 हरदोई रूपापुर www.dsclsugar.com
69 हरियावा www.dsclsugar.com
70 लोनी www.dsclsugar.com
71 लखीमपुर गोला www.bhlcane.com
72 ऐरा www.kisaan.net
73 पलिया www.bhlcane.com
74 बेलराया (सहकारी) www.upsugarfed.org
75 सम्पूर्नानगर (सहकारी) www.upsugarfed.org
76 अजबापुर www.dsclsugar.com
77 खम्भारखेडा www.bhlcane.com
78 कुम्भी www.bcmlcane.com
79 गुलरिया www.bcmlcane.com
80 सीतापुर हरगाँव www.kisaan.net
81 बिसवाँ www.gannakrishak.in
82 महमूदाबाद (सहकारी) www.upsugarfed.org
83 रामगढ www.kisaan.net
84 जवाहरपुर www.kisaan.net
85 फर्रुखाबाद करीमगंज www.upsugarfed.org
86 बाराबंकी हैदरगढ www.bcmlcane.in/kisaan-suvidha
87 फैज़ाबाद रोजागांव www.bcmlcane.in/kisaan-suvidha
88 मोतीनगर www.kisaan.net
89 अम्बेडकरनगर मिझोडा www.bcmlcane.in/kisaan-suvidha
90 सुल्तानपुर (सहकारी) सुल्तानपुर www.upsugarfed.org
91 गोण्डा दतौली www.bcmlcane.in
92 कुन्दरखी www.bhlcane.in
93 मैजापुर www.bcmlcane.in
94 बहराइच जरवलरोड www.kisaan.net
95 नानपारा (सहकारी) www.upsugarfed.org
96 चिलवरिया www.kisaan.net
97 परसेंडी www.parlesugar.com
98 बलरामपुर बलरामपुर www.bcml.in
99 तुलसीपुर www.bcml.in
100 इटईमैदा www.bhlcane.in
101 बस्ती बभनान www.bcmlcane.in
102 वाल्टरगंज www.bhlcane.com
103 रुधौली www.bhlcane.com
104 महाराजगंज सिसवाबाज़ार www.kisaan.net
105 गडोरा www.jhvsugar.in/
106 देवरिया प्रतापपुर www.bhlcane.com
107 कुशीनगर हाटा www.kisaan.net
108 कप्तानगंज www.kisaan.net
109 खड्डा www.kisaan.net
110 रामकोला (पी.) www.kisaan.net
111 सेवरही www.kisaan.net
112 मऊ घोसी www.upsugarfed.org
113 आजमगढ़ सठिओं (सहकारी) www.upsugarfed.org

गन्ना किसानों को फायदा

देश में लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढती जा रही हैं। ऐसे में पेट्रोल के विकल्प के तौर पर एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं अब सरकार ने एथेनॉल की कीमत में भी इजाफा कर दिया है। एथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। एथेनॉल की कीमतों में वृधि का सीधा फायदा गन्ना किसानों को होगा।

सरकार ने एथेनॉल की कीमतों में 30 पैसे से लेकर 2 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। दरअसल एथेनॉल को गन्ने या मक्का की फसल से तैयार किया जाता है। और देश की कई चीने मिलें इसका उत्पादन करती हैं। ऐसे में एथेनॉल की कीमत बढाए जाने से जहां चीनी मिलों को राहत पहुंचेगी वहीं गन्ना किसानों को फायदा मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ पेराई सत्र

भारत का राज्य उत्तर प्रदेश गन्ने की पैदावार के लिए जाना जाता है। गन्ने की पैदावार के साथ उत्तर प्रदेश में कई चीनी मिलें स्थापित हैं जो अक्टूबर-नवंबर माह से पेराई सत्र की शुरुआत करती हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले को “भारत का चीनी बाउल” कहा जाता है। जिले में 8 चीनी मिलें स्थापित हैं जिनमे से 2 मिलों में पेराई सत्र की शुरुआत की जा चुकी है। वहीं आज यानी 31 अक्टूबर से 3 अन्य मिलों में पेराई सत्र की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा बाकी बची 3 मिलों में पेराई सत्र की शुरुआत आगामी 7 नवंबर से की जाएगी।

31 अक्टूबर से पेराई सत्र शुरू करने के थे आदेश

सभी चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू करने के आदेश प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा (Suresh Kumar Rana) द्वारा दिए गए थे। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने सभी मिलों को 31 अक्टूबर तक पेराई सत्र शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस माह की शुरुआत में ही गन्ना आयुक्त डा। दिनेश्वर मिश्र ने जानकारी देते हुए कहा था कि, सभी चीनी मिल के प्रबंधकों को 20 अक्टूबर तक ट्रायल पूरा करने को कहा गया है। इसके बाद 31 अक्टूबर तक सभी मिलें पेराई सत्र की शुरुआत कर देंगी।

मोबाइल ऐप पर मिलेगी जानकारी

गौरतलब है कि गन्ना किसानों की हर परेशानी को दूर करने के लिए इस बार गन्ना विभाग की मोबाइल ऐप पर पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। इन जानकारी को गन्ना किसान कहीं से भी अपने मोबाइल पर ही देख सकता है। मुजफ्फरनगर जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी ने जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले पेराई सत्र की शुरुआत मोरना की सहकारी चीनी मिल द्वारा 25 अक्टूबर को की गई। वहीं खतौली चीनी मिल ने भी 30 अक्टूबर से पेराई सत्र शुरू कर दिया है। इसके अलावा आज से टिकौला, मंसूरपुर आौर भैसाना चीनी मिल में भी पेराई सत्र शुरू कर दिया जाएगा। रोहाना, तितावी और खाईखेडी चीनी मिलें 7 नवंबर से पेराई प्रारंभ करेंगी।

कहाँ कितनी पैदावार

वहीं अपने आदेश में गन्ना मंत्री सुरेश राणा (Suresh Kumar Rana) ने दीपावली से पहले ही बकाया गन्ना मूल्य चुकाए जाने की भी बात कही थी। गन्ना आयुक्त मिश्र के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ इस बार सहारनपुर में 1 लाख, 389 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 7 सौ 77 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार हुई है। वहीं मुजफ्फरनगर जिले की बात की जाए तो वहां इस बार 1 लाख 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1270 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार हुई। शामली जिले में इस साल 69 हजार 870 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 672 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार की गई है। बता दें कि इस पैदावार का 55 से 60 प्रतिशत ही मिलों को पेराई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा 15 प्रतिशत गन्ने को बीज के लिए उपयोग किया जाता है जबकि बाकी का गन्ना गुड़ और खांडसारी इकाइयों को मुहैया करवाया जाता है।

E-Ganna मोबाइल ऐप

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना किसानों के लिए पहले ही एक वेबसाईट http://upcane.gov.in/ लांच की थी। इस वेबसाईट के माध्यम से गन्ना किसान किसानी से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं। इस वेबसाईट पर गन्ना किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं अब गन्ना किसानों की सुविधा को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल एक मोबाइल एप्लीकेशन भी लांच कर दी है। अब गन्ना किसान कहीं से भी अपने मोबाइल पर जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं एक अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसानों को गन्ना पर्ची का पूरा ब्यौरा तोल तिथि से 3 दिवस पूर्व ही मोबाइल SMS के माध्यम से उन तक पहुंचा दिया जाएगा।

गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए ई-गन्ना (E-Ganna) मोबाइल ऐप भी लान्च कर दी गई है। इसे गूगल प्ले स्टोर से फ्री डाऊनलोड किया जा सकता है। इस ऐप पर किसानों को हर तरह की जानकारी और गन्ना पर्ची कैलंडर भी मिलेगा। ई-गन्ना (E-Ganna) मोबाइल ऐप के अलावा प्रदेश सरकार द्वारा https://caneup.in वेब साईट भी लांच की है। यहां से भी समस्त जानकारी हासिल की जा सकती है और मोबाइल ऐप डाउनलोड की जा सकती हैं। आप चाहें तो यहां से भी मोबाइल ऐप डाऊनलोड कर सकते हैं।

E-Ganna Mobile App Download
E-Ganna Mobile App Download

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1 thought on “गन्ना पर्ची कैलेंडर कहां और कैंसे देखें”

  1. ऑनलाइन गन्ना पर्ची देखने और कैलंडर देखने से संबंधित बहुत ही बड़िया जानकारी share करी है। जिससे किसी भी व्यक्ति को गन्ना मिल, गन्ना कैलंडर की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

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