सुर्ख़ियों में मिर्ची बाबा

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के बाद जहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी (Congress) मुंह छिपाती नज़र आ रही है। वहीं दूसरी तरफ उसकी जीत का दावा करने वाले लापता हो गए हैं। सबसे ज्यादा अगर किसी की चर्चा हो रही है तो सिर्फ दो लोगों की। सबसे पहले तो जो सुर्ख़ियों में छाए हैं वे हैं प्रचंड जीत हासिल करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi)। और जो दूसरा नाम सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में है वह स्वामी वैराग्यानंद (Swami Vairagyanand) का।

मिर्ची बाबा लापता

जी हां यह वही स्वामी वैराग्यानंद (Swami Vairagyanand) हैं जिन्हें लोग मिर्ची बाबा (Mirchi Baba) के नाम से जानते हैं। मिर्ची बाबा (Mirchi Baba) के सुर्ख़ियों में छाने की वजह है इनका वादा। दरअसल लोकसभा चुनाव से पहले मिर्ची बाबा ने मध्यप्रदेश की भोपाल सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) की जीत का दावा किया था। इतना ही नहीं उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि अगर दिग्विजय हार जाते हैं तो वे जिंदा समाधी ले लेंगे। बस उनका यह वादा करना ही उनके गले की फांस बन गया है। जब से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय बुरी तरह से हारें हैं तब से बाबा लापता हो गए हैं। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि बाबा को आकाश खा गया या फिर धरती निगल गई।

बाबा की तलाशी जारी

कहावत की भाषा बोली जाए तो बाबा ऐसे गायब हो गए जैसे गधे के सिर से सींग। खैर जो भी हो लेकिन बाबा तो सुर्ख़ियों में छा ही गए। अब बाबा की बड़ी जोर-शोर से तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया (Social Meida) से लेकर नेताओं के बयानों तक बाबा के ही चर्चे हैं। हर तरफ लोग बाबा को ढूढ़ रहे हैं। लेकिन बाबा हैं कि पता नहीं कहां समाधी लगाए बैठे हैं, मिल ही नहीं रहे। जहां लोग बाबा की तलाश कर रहे हैं वहीं राजस्थान के एक भाजपा नेता (BJP Leader) ने इस आग में घी डाल दिया। बाबा की मुश्किलें अब और भी बढ़ गईं जब राजस्थान के एक भाजपा नेता ने उन पर इनाम घोषित कर दिया।

बाबा पर 5 लाख का ईनाम

गौरतलब है कि अपने विवादित बयानों से हमेशा सुर्ख़ियों में छाए रहने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानदेव आहूजा (Gyan Dev Ahuja) ने मिर्ची बाबा एक या दो नहीं बल्कि पूरे 5 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा करवा दी है। ज्ञानदेव आहूजा का कहना है कि जो कोई भी बाबा को ढूंढ के ला दे उसे वे 5 लाख रुपए नकद ईनाम देंगे। उन्होंने यह कहा है कि उसके बाद बाबा की समाधी का काम वे खुद कर लेंगे। ज्ञानदेव का कहना है कि वे बाबा को अग्नि कुंड में खुद समाधी दिलवा देंगे। जब ज्ञानदेव आहूजा मंगलवार को मीडिया से मुखातिब हुए तब उन्होंने कहा कि, “इस बाबा को कोई बस एक बार पकड़कर मेरे पास ले आए, बाकी इसे समाधि दिलाने का काम हम सब करवा लेंगे।“

जागरूक जनता

हालांकि जब उनसे पूछा गया कि आप खुद कानून को अपने हाथों में लेंगे? तब वे हिचकिचाते हुए बातों को गोल-गोल घुमाने लगे। खैर बात कुछ भी हो लेकिन कई साधू-संतों ने दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) की जीत के लिए अपनी जान तक लगा दी। लेकिन बावजूद इसके नतीजा उनके खिलाफ रहा। इस हार से जहां दिग्विजय काफी हताश दिखाई दिए वहीं इन साधू-संतों की झूठी साधना भी उजागर हो गई। अब झूठे वादे करने वाले इन साधू-संतों की शामत आ गई है। लोग इन्हें बड़ी जोर-शोर से तलाश रहे हैं। अब यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ये साधू जनता के कहर से बच पाते हैं? या फिर जनता इन्हें समाधी दिलाकर मानेगी? लेकिन एक बात सच है कि अब जनता जागरूक हो गई है और उसे कोई भी अपनी बातों में उलझा नहीं सकता।

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