हद हो गई यार इस जिद और इन जिद्दियों की जिनकी जिद की वजह से पूरा विश्व हैरान, परेशान और हलाकान है। एक तरफ तो वो बेशर्म कोरोना (Covid-19) है जो अपनी जिद के जुनून में पूरे विश्व में मौत का नंगा नाच कर रहा है, और पूरे विश्व को अपने आगोश में लेने को बेकरार है। तो वहीं दूसरी ओर हमारे महाजिद्दी प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) हैं, जिन्होंने अपने कानून के जुनून से पूरे देश को लॉक डाउन (lockdown) में डाल दिया है। यार ये कैसा कानून है जिसके कारण हम अपने घर से बाहर नहीं निकल सकते, सड़क पर घूम नहीं सकते, न ही किसी से मिल सकते हैं, न हम अपनों के गले मिल पा रहे हैं और तो और क्या बताएं हम अपने जिगरी दोस्तों, रिश्तेदारों से हाथ तक नहीं मिला पा रहे हैं। जिनके करीब जाने से दिल को सुकून मिलता था, कहते हैं उससे भी दो हाथ दूर रहो, थोड़ी बहुत कसर बाकी थी तो मुंह पर पट्टी बंधवा दी। उनके इस तानाशाही कानून ने सारे देश को नज़रबंद करके ही रख दिया। यहां तक तो फिर भी ठीक था यार अब तो हम धर्म-कर्म भी नहीं कर सकते। न हम मन्दिर जा सकते हैं, न हम मस्जिद जा सकते हैं, न ही हम पूजा, अर्चना, प्रार्थना, इबादत आदि कर सकते हैं। कहते हैं भीड़-भाड़ हो जाएगी। अब इनको कौन समझाए कि धार्मिक कार्यों में या धार्मिक स्थलों में भक्तों का जमावाड़ा तो होता ही है, ये तो आम बात है। अब तो घर में रहते-रहते ऐसा लगता है कि जैसे हम कोई अपराधी हैं और जेल में कैद हैं।

अब हम अपनी तलब का क्या करें, अरे भाई वही गुटखा-तम्बाकू, सिगरेट, पान आदि जिसकी वजह से हम बहुत ज्यादा बेचैन हो जाते हैं, इसलिए हम सड़क पर आ जाते हैं। मगर इस मामले में हमारे कुछ भाई-बंधू बहुत दिलेर हैं, जो कि वो प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) के कानून की, अन्य बुद्धिजीवियों एवं डॉक्टर्स आदि की नसीहतों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बाकायदा सड़कों पर सैर सपाटा करने, दोस्तों के साथ गुटों में खड़े होकर बतियाने, हाथ मिलाने, गले मिलने और तो और सिगरेट वगैरह शेयर करके पीने में, तथा मास्क की आदत नहीं है कहकर मास्क न लगाने में अपनी शान व अपनी मर्दानगी समझते हैं। ऐसा देश के कुछ बीमार दिमाग वाले, कमजोर मानसिकता (इसमें कुछ पढ़े लिखे भी शामिल हैं) वाले एक वर्ग विशेष के लोगों की सोच है, जो कोरोना (Covid-19) जैसी महामारी को भी बेहद हल्के में ले रहे हैं। अब इन नादान बुद्धिहीनो को कौन समझाए कि भैया ये ‘सर्दी, खांसी, मलेरिया हुआ’ नहीं है, ये कोरोना (Coronavirus) का लाबेरिया है, जो आपको अपने गले लगाने को हरदम बेकरार रहता है। मगर इसके विपरीत उनका मानना है कि जब हमे कोई वायरल ही नहीं है तो हम जबरदस्ती अपने ही घर में कैद क्यों रहें? हम मास्क क्यों लगाएं? हम बार-बार हाथ साफ़ क्यों करें? और हम अपनों से ही दूरी बनाकर क्यों रहें?

आज सारे विश्व में क्या हो रहा है इससे इनकों कोई सरोकार नहीं है, कोई मतलब नहीं है। ये नहीं जानते कि इनकी एक नादानी, एक लापरवाही आपके साथ-साथ आपके पूरे परिवार को, आपके पड़ोसियों को एवं आपके मिलने वालों, सभी को एक बड़ी मुसीबत में डाल सकते हैं। ये चीन, इटली, स्पेन, जापान, इरान एवं अमेरिका आदि देशों की हकीकत देखकर भी अनजान बने हुए हैं। अरे भाई आप अपनी नासमझी, नादानी से अपनी कब्र तो खोद ही रहे हैं साथ ही अपने साथ-साथ हजारों लोगों की जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसका आपको कोई हक़ नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी (Narendra Modi) के महाजिद्दी कानून की वजह से ही हम सब अभी तक इतने सुरक्षित हैं। उनके महाजिद्दी कानून का ही परिणाम है कि हम अपने परिवार के साथ हैं, रिश्तेदारों के बीच हैं और सबसे बड़ी बात कि हम जिन्दा हैं। भैया अब भी संभल जाओ और हमारे प्रधानमंत्री मोदी जिनका पूरा विश्व शुक्रगुजार है, जिनके कानून को तो विश्व के कई देश अपनाने लगे हैं, जो पूरे विश्व के लिए एक मिसाल बन गए हैं और हम लोग अपने ही प्रधानमंत्री मोदी को कोसते हैं, गाली देते हैं, और अपनी मूर्खतापूर्ण हरकतों से बाज नहीं आते हैं। लानत है हमे अपनी सोच पर, अपनी मूर्खतापूर्ण हरकतों पर जो हमारे समाज को, हमारे देश को शर्मसार करते हैं एवं मुसीबत में डाल देते हैं। एक ओर तो जहां दूसरे देशों में स्थित इतनी गंभीर हो गई है कि इलाज के लिए डॉक्टर्स एवं लाशों को ले जाने के लिए कंधे तक नहीं मिल पा रहे हैं। उनके राष्ट्राध्यक्षों ने स्थिति की भयावहता के मद्देनज़र अपने हाथ तक खड़े कर दिए और अपनी जनता को उनके भाग्य के भरोसे मरने को छोड़ दिया। एक अन्य देश में कानून लागू कर दिया गया कि जो संक्रमित बुजुर्ग मिले उसे गोली से उड़ा दिया जाए। यह स्थिति आज विश्व के कई देशों की हो गई है। क्योंकि पूरे विश्व में मौत का नंगा नाच अपने पूरे शबाब पर है। मगर वहीं दूसरी ओर हमारे महाजिद्दी प्रधानमंत्री मोदी के कानून का जुनून है जो अपने देशवासियों को हर हाल में बचाना चाहते हैं, उनको पूर्णतः सुरक्षित रखना चाहते हैं, इसलिए अपने कानून पर कठोरता से अडिग हैं। और हमारे लिए, अपने देश को बचाने के लिए सबकुछ करने को तैयार हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी की कोरोना (Covid-19) से इस जंग में शामिल हमारे अन्य बुद्धिजीवी, हमारे नेता, हमारे अभिनेता एवं हमारे सभी डॉक्टर्स हम सबको बार-बार सचेत कर रहे हैं, हमको समझा रहे हैं कि अब तो कानून का पालन कर लो नहीं तो बाद में कहते रह जाओगे, “कि इतना सन्नाटा क्यों है भाई।”

अतः अब हम सभी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए, अच्छा नागरिक होने के नाते अपने समाज एवं अपने देश की खातिर प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) के कानून (जो कि हमारा सुरक्षा कवच है) एवं अन्य बुद्धिजीवियों, हमारे डॉक्टर्स आदि की नसीहतों का कठोरता पूर्वक अनुसरण करने का यदि हम सबने जुनून बना लिया तो कोरोना (Covid-19) का जुनून पस्त हो जाएगा और हमारा व आपका जुनून रंग लाएगा। इतने समझाने के वाबजूद भी कई सिरफिरे ऐसे भी हैं जिन पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ता। वो चिकने घड़े की तरह हैं जिन पर पानी डालना बेकार है। उनका मकसद हमेशा रंग में भंग डालने, समाज व देश को मुसीबत में डालना ही है। तो ऐसे सिरफिरों को सुधारने के लिए हमारी जांबाज पुलिस है न, जो इनकी नासाज़ तबियत को दुरुस्त करने के लिए इनकी मेहमाननवाजी व खातिरदारी अच्छी तरह से करती है। हमारा तो मानना है कि इनको जब घर पर बैठना अच्छा ही नहीं लगता तो इनके पिछवाड़े पर इतने टैटू बनाएं जाएं कि ये अगर सोएं भी तो घोड़ों की तरह खड़े हो कर। आप सभी से हमारा अनुरोध है कि आप सभी इन 21 दिनों तक अपने घरों में परिवार के साथ सुरक्षित रहें, बेवजह सड़कों पर न जाएं, भीड़-भाड़ से बचें, बार-बार अपने हाथ साफ़ करते रहें, किसी से भी हाथ न मिलाएं न ही किसी के गले लगें और न किसी के गले पड़ें। बार-बार अपने चेहरे पर हाथ न लगायें और हां मास्क जरूर लगाएं और दूरी का तो बेहद विशेष ध्यान रखें। खुद सुरक्षित रहें, अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें जिससे पूरा समाज सुरक्षित रहेगा, और पूरा देश अपने आप सुरक्षित हो जाएगा।

यही हमारे प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) के महाजिद्दी कानून का जुनून है जिसे हम सभी को पूरी शिद्दत से, पूरी ताकत से एवं पूरे जुनून के साथ इस कानून का पूर्णतः पालन करना है। इस कानून को बोझ समझकर नहीं अपितु इस कानून को अपना हथियार बनाना होगा और इसी से ही इस कोरोना (Covid-19) नामक राक्षस का संघार होगा। ये काम एक पीएम मोदी अकेले के बस का नहीं है इसके लिए हम सबको “साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना” की तर्ज पर काम करना होगा। हमारी भगवान से यही प्रार्थना है कि हे प्रभु हम सभी को इस कठिन परिस्थित में इस मुसीबत का सामना करने की असीम शक्ति दे। यदि हम सब (पूरे देशवासी) एक साथ मिल गए तो कसम से इस कोरोना को रोना आ जाएगा यह यथार्थ सत्य है। BNR परिवार आप सभी देशवासियों से अपील करता है कि कोरोना से इस जंग में अपने पीएम मोदी का साथ दें, उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने और अपने परिवार के साथ घर में रहें, स्वस्थ रहें।

हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब एक दिन, मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन…

जय हिन्द, जय भारत, जय हमारी एकता”

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