मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने नगर निगम अधिकारी को गेंद (cricket ball) समझ कर उन पर बल्ला चला दिया था। आकाश के इस गुस्से की और इस घटना की चारों तरफ निंदा की गई। इस बारे में आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के पिता और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने भी कोई बयान नहीं दिया। इस घटना के बाद आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी जमानत को नामंजूर कर दिया गया। हालांकि उनकी जमानत शनिवार 29 जून को भोपाल से मिल गई।

आकाश की निंदा

Akash Beaten Corporation Officer

आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने जो कुछ भी किया क्या वह सही था? इस बात को लेकर सभी उनकी निंदा कर रहे हैं। लेकिन इस घटना के पीछे और आकाश के गुस्से के पीछे की वजह आखिर क्या है? आखिर ऐसी क्या बात हो गई पहली बार विधायक बने आकश को अधिकारी पर बल्ला चलाना पड़ गया? आखिर क्यों कोई जनप्रतिनिधि अपने कैरियर को शुरू करने से पहले ही बर्बाद करने पर तुला हुआ है? ऐसे ही कई और सवाल आपके मन में भी जरूर उठ रहे होंगे और आप इन सभी सवालों के जबाव भी जानना चाहते होंगे। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आकाश की बुराई और निंदा भी जरूरी समझते होंगे।

जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा

चलिए तो जानते हैं कि आखिर आकाश को क्यों इतना गुस्सा आया कि उन्होंने बिना किसी अंजाम की परवाह किए एक सरकारी अधिकारी पर बल्लों की बारिश कर दी और तबियत से उसकी धुलाई कर डाली। जब आप इस बात की सच्चाई जानेंगे तो आप आकाश की निंदा नहीं बल्कि तारीफ करेंगे। आप भी कहेंगे कि जनप्रतिनिधि हो तो आकाश जैसा। दरअसल नगर निगम अधिकारी (Municipal Corporation Officer) जिस माकन को तोड़ने के लिए गंजी कम्पाउंड पहुंचे थे उसे कांग्रेस के नेता ने अपने फायदे के लिए खरीद लिया था।

अधिकारियों  की महिलाओं से बदसलूकी

Akash Vijayvargiya

जो लोग उस मकान में कई वर्षों से रह रहे थे, नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें घसीट कर बाहर निकाला। इतना ही नहीं, नगर निगम अधिकारियों ने महिलाओं को न सिर्फ गाली दी बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की। भला कोई भी जनप्रतिनिधि जिसे जनता ने अपनी हर समस्या के समाधान के लिए चुना, यह सब कैसे देख सकता है? कैसे यह सब सहन कर सकता है कि कोई भी उसके सामने जनता से बदसलूकी करे?

पहले निवेदन फिर दनादन

इसके बावजूद भी आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने अधिकारियों से बेहद ही विनम्रता से प्रार्थना की कि आप लोग ऐसा न करें और 5 मिनट में यहां से चले जाएं। अगर यहां से नहीं गए तो इसकी जिम्मेदारी फिर आपकी खुद की होगी। लेकिन निगम अधिकारियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया और माकन तोड़ने की कवायद में ही जुटे रहे। बस फिर क्या था 5 मिनट पूरे होते ही निगम अधिकारी पर आकाश का गुस्सा फूट पड़ा। आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने लोगों के हित के लिए और नगर निगम अधिकारी को सबक सिखाने के लिए क्रिकेट बेट से धुन डाला।

समर्थकों में ख़ुशी की लहर

जो इस बात से अनजान हैं कि सच क्या है वे इसे आकाश का दुर्रव्यवहार मान रहे हैं और उनकी आलोचना, निंदा और बुराई कर रहे हैं। लेकिन जिन्हें सच पता है वे आकश के साथ खड़े हैं और अपने जनप्रतिनिधि के लिए जान देने तक को तैयार हैं। आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) को जमानत मिलने पर उनके समर्थकों और उन लोगों में बेहद ख़ुशी की लहर है जिन्हें सच पता है। अब फैसला आपके हाथ में है कि सच जानने के बाद आप आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) के साथ हैं या खिलाफ? आकाश के साथ मतलब सच के साथ और उनके खिलाफ मतलब भ्रष्ट अफसरों और नेताओं को समर्थन।

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