प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर थे। यहां उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी। इतना ही नहीं उन्होंने खुद अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी। पीएम मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी। इसके बाद उन्होंने योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इसके बाद शुक्रवार को ही मोदी गाजियाबाद पहुंचे और यहां भी उन्होंने कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

यहां पीएम मोदी ने हिंडन एयरबेस टर्मिनल का लोकार्पण किया। इसके बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, “विरोधी दल के लोग हमारी सेना पर भी भरोसा करने को तैयार नहीं है”। उन्होंने आगे कहा, “जब आतंकवादियों ने 40 जवान मार दिए तो मोदी को क्या करना चाहिए था? मुझे देश के लिए काम करना चाहिए था न। आतंकवाद को उसकी भाषा में जवाब नहीं देना चाहिए था। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब विरोधी दल के लोग हमारी सेना पर भी भरोसा करने को तैयार नहीं है।”

स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों…

इसके बाद पीएम मोदी ने स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों पर कड़ा प्रहार किया और कहा, “पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद चौकीदार जाग रहा था। हमारे लोग पूछ रहे हैं कि एयर स्ट्राइक में आतंकियों को मारा है तो सबूत दो। कुछ दल और नेताओं को देश की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ सत्ता का लालच है।” इस दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाईक भी उनके साथ मौजूद थे।

उन्होंने आगे कहा “हमारे घर में ही सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने के दिन रात प्रयास किये जा रहे हैं और ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए, लेकिन उनको शर्म नहीं आती है।” इसके बाद पीएम मोदी ने गुरुवार को जम्मू में हुए बम विस्फोट को आतंकवादियों की बौखलाहट का परिणाम बताया। पीएम मोदी ने कहा “क्या यह सेना का अपमान नहीं है, वीरों के पराक्रम का अपमान नहीं है। कुछ लोग यह काम जानबूझकर कर रहे है।” उन्होंने आगे कहा “जिस प्रकार हमारी सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है और यह हमारी कार्रवाई का परिणाम है कि, आतंकी बौखलायेंगे उनके सरपरस्त बौखलायेंगे और उन्हें दाना पानी देने वाले भी बौखलायेंगे।

इससे पहले अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के बाद उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “अब मां गंगा को सीधे बाबा भोलेनाथ से जोड़ दिया गया है। अब श्रद्धालु गंगा स्नान करके सीधे भोले बाबा के दर्शन करने आ सकेंगे।” उन्होंने आगे कहा “पिछले कई सालों से भोले बाबा की चिंता किसी ने नहीं की, सभी ने अपनी-अपनी चिंता की। अच्छा हुआ कि भोलेबाबा ने हमारे भीतर एक चेतना जगाई। अब इन मंदिरों की मुक्ति का रास्ता भी खुला है।”

 

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