इंदौर में ‘मदर मिल्क बैंक’

इंदौर। शहर को नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) के तहत ‘मदर मिल्क बैंक’ (Mother Milk Bank) शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। मदर मिल्क बैंक (Mother Milk Bank) को इंदौर के एमटीएच महिला अस्पताल (MTH Women Hospital) में शुरू किया जाएगा। शहर में मिल्क बैंक के आ जाने से नवजात शिशु माँ के दूध से वंचित नहीं रहेंगे। मिल्क बैंक शुरू करने से पहले इंदौर के कुछ डॉक्टरों को मुंबई प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, जहां वे मुंबई के लोकमान्य तिलक म्यूनिसिपल मेडिकल कॉलेज (Lokmanya Tilak Municipal General Hospital And Medical College) से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। मुंबई से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इंदौर में मदर मिल्क बैंक (Mother Milk Bank) शुरू किया जाएगा।

एमवायएच हॉस्पिटल (Maharaja Yeshwantrao Hospital) मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। एमवायएच (Maharaja Yeshwantrao Hospital) में स्त्री रोग विभाग की सेवाएं भी एमटीएच अस्पताल शिफ्ट की जाएगी।

मदर मिल्क बैंक के फायदे

मदर मिल्क बैंक (Mother Milk Bank) में रखा दूध छह महीने तक स्टोर किया जाएगा। प्री-मैच्योर बच्चों को अक्सर डायरिया और बुखार से गुजरना पड़ता है, एसे में मिल्क बैंक में जमा दूध के इस्तेमाल से बच्चो को डायरिया और बुखार नहीं होगा। इसके साथ ही जो बच्चे जन्म के समय अत्यंत कमजोर होने के कारण माँ का दूध नहीं पचा पाते, उन्हें भी मिल्क बैंक से दूध दिया जाएगा।

mother milk bank indore
Mother Milk Bank for Pre-Mature Kids

मध्यप्रदेश में हर साल हजार बच्चो में से 50 बच्चे माँ का दूध न मिल पाने की वजह से मर जाते हैं। इसी संख्या को घटाने के लिए मदर मिल्क बैंक (Mother Milk Bank) शुरू किया जा रहा है। मिल्क बैंक से दूध उन शिशु को दिया जाएगा, जिन्हें चिकित्सकीय कारण से मां का दूध नहीं मिल पता और उन बच्चो को जिन्हें उपचार के लिए मां से अलग रखा जाता है। इसके अलावा भी जो बच्चे दूध पीने से वंचित रहेंगे उन्हें यह दूध दिया जाएगा।

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