इस बार के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) को मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। हालांकि पार्टी चाहती थी कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अध्यक्ष पद पर काबिज रहें। इसके लिए पार्टी ने खूब जोर आजमाइश भी की। पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने अपने इस्तीफे भी दिए। लेकिन राहुल बाबा भी अपनी जिद पर अड़े रहे और अपना इस्तीफ़ा वापस नहीं लिया।

अटकलों पर विराम

आखिर में पार्टी को थक-हार कर नए अध्यक्ष की खोज शुरू करनी पड़ी। कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के नए अध्यक्ष को लेकर अटकलों का बाजार भी बेहद गरमाया। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इस्तीफ़ा देने के बाद अध्यक्ष पद के लिए जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा वह था राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) का। हालांकि इन तमाम अटकलों पर कल यानी 10 अगस्त की रात कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद विराम लग गया।

सोनिया गांधी बनी नई अध्यक्ष

10 अगस्त को दो दौर में चली कांग्रेस कमेटी की बैठक में आखिरकार नए अध्यक्ष का चुनाव हो ही गया। गौरतलब है कि 10 अगस्त की रात हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) नदारद रहे। हालांकि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और प्रियंका गांधी बैठक में शामिल हुए। काफी देर तक चली इस बैठक में आख़िरकार सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष चुना गया। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला इस बैठक में ले लिया गया।

राहुल का इस्तीफ़ा

अब जब तक पार्टी को कोई नियमित अध्यक्ष नहीं मिल जाता तब तक सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ही पार्टी की कमान संभालेंगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पार्टी ने मानाने का पुरजोर प्रयास किया लेकिन राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने फैसले पर अड़े रहे। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपना इस्तीफ़ा वापस नहीं लिया। इसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी को यह फैसला लेना पड़ा।

बैठक में फैसला

बैठक के बाद देर रात आयोजित की गई प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) और महासचिव के. सी. वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने मीडिया को वर्किंग कमेटी के फैसले से अवगत कराया। इस बैठक में 5 जोन के नेता शामिल थे। सुबह हुई बैठक के बाद पाँचों जोन के नेताओं ने अपने-अपने समूहों से चर्चा की। काफी मंथन के बाद शाम की बैठक में अध्यक्ष पद के लिए फैसला लिया गया। इस बैठक में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व की जमकर प्रशंसा भी की गई। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) काफी तजुर्बेकार हैं।

सबसे ज्यादा समय तक रहीं अध्यक्ष

गौरतलब है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) सबसे ज्यादा लंबे समय तक पार्टी की अध्यक्ष रही हैं। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) साल 1998 में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) की अध्यक्ष चुनी गई थीं। यह वह समय था जब कांग्रेस पार्टी (Congress Party) का दामन एनडी तिवारी (ND Tiwari), अर्जुन सिंह (Arjun Singh) जैसे दिग्गज नेताओं ने छोड़ दिया था। इसके बाद से साल 2017 तक सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने अध्यक्ष पद को सम्भाला था। उनके अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद उनके बेटे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस पद को संभाला। हालांकि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) केवल 2 वर्षों तक ही पार्टी की कमान संभल पाए। एक बार फिर पार्टी की कमान सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के हाथों में है।

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