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देश में हैवानियत और जुर्म लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तो अपराध इस हद तक बढ़ गए हैं कि अपराधी अब मासूमों को भी नहीं बख्श रहे। कानून व्यवस्था जैसे इन अपराधियों के लिए खिलौना है और अपराधियों का जब दिल करता है वह कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा से खिलवाड़ करता है। ऐसी ही दरिंदगी का गवाह बना मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का एक गाँव बैरागढ़ चीचली (Bairagarh chichli)। दरअसल बैरागढ़ चीचली (Bairagarh chichli) भोपाल के कोलार इलाके के पास का एक गाँव है।

मासूम का अपहरण

Varun Meena

बैरागढ़ चीचली (Bairagarh chichli) से रविवार 14 जुलाई की शाम तकरीबन 7 बजे एक तीन साल के मासूम वरुण मीणा (Varun Meena Murder Case) को अगवा कर लिया गया था। यह घटना तब घटित हुई जब वरुण अपने घर के बाहर खेल रहा था। वरुण के पिता विपिन मीणा (Vipin Meena) एक प्राइवेट कम्पनी में कार्यरत है। शाम 7 बजे जब विपिन के पिता यानी वरुण के दादा नारायण मीणा (Narayan Meena) घर पहुंचे तब वरुण वहीं खेल रहा था। दादा को देख वरुण उनसे टॉफी की जिद करने लगा। दादा ने अपने पोते की ख्वाहिश पूरी करते हुए उसे 10 रुपए दिए और अन्दर चले गए।

जब नहीं लौटा वरुण…

Varun Murder Case

वरुण टॉफी लेने दुकान तो गया लेकिन वहां से वापस नहीं लौटा। जब काफी देर हो गई तो वरुण (Varun Meena) के परिजन बैचेन हो गए। वरुण की तलाश शुरू हुई। परिजन के साथ मोहल्ले वालों ने भी वरुण को तलाशने की हर संभव कोशिश की लेकिन वरुण कहीं नहीं मिला। अपने स्तर की तमाम कोशिश कर लेने के बाद भी जब वरुण कहीं नहीं मिला तब परिजन ने पुलिस की शरण लेना उचित समझा।

बीजेपी विधायक परिजन से मिले

Varun Murder Case

कोलार थाने (Kolar police station) जाकर परिजन ने वरुण (Varun Meena) की गुमशुदगी की बात कही और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और निकल पड़ी वरुण को ढूढने। वरुण के लापता होने की जानकारी जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) को मिली तो वे तत्काल ही परिजन से मुलाकात करने जा पहुंचे। परिजन परेशान थे और सभी का बुरा हाल था। हलांकि शर्मा ने परिजन को ढांढस बंधाया और वरुण को सकुशल वापस लाने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने वरुण की तलाश तेज कर दी।

मासूम को जिंदा जला दिया गया

Varun Murder Case

वरुण की तलाश में पुलिश ने जगह-जगह नाकाबंदी की। हर जगह को खंगालना शुरू किया लेकिन उन्होंने वरुण (Varun Meena) के घर के सामने वाले घर की तलाशी ठीक से नहीं ली। मंगलवार सुबह प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) और डीआईजी इरशाद वली (DIG Irshad Wali) भी वरुण के परिजन से मिले। हलांकि पुलिस ने बाद में जब वरुण के घर के महज 50 मीटर दूर बने एक सूने मकान की तलाशी ली तो उनकी तलाश ख़त्म हो गई। मकान से वरुण का जला हुआ शव बरामद हुआ। अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मासूम वरुण (Varun Meena Murder Case) को गद्दे में लपेट कर जिंदा जला दिया।

अपहरण के 48 घंटे बाद शव बरामद

Varun Murder Case

वरुण (Varun Meena) के अगवा किए जाने के 48 घंटे बाद उसका जला हुआ शव मिलने से पूरे गाँव में हडकंप मच गया। इस बात की जानकारी मिलते ही हर व्यक्ति सहम उठा और आक्रोश से भर गया। गाँव वालों ने अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ कर कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। पुलिस ने शक के आधार पर विपिन मीणा (Vipin Meena) के पड़ोसी मुकेश सोलंकी और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शरू की है। वरुण का शव तो पुलिस को बरामद हो गया लेकिन अभी इस बात का पता नहीं चला कि आखिर किस वजह से मासूम के साथ ऐसी क्रूरता दिखाई गई और उसे बेहद ही दर्दनाक मौत दी गई? आखिर उस मासूम का क्या कसूर था कि अपराधियों ने उस नन्ही सी जान को जिंदा जला डाला?

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

वरुण के मर्डर की खबर जैसे ही प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) को लगी तो उन्होंने ट्वीट कर शोक जताया और अपनी संवेदनाएं व्यक्ति कीं। अपने ट्वीट में कमलनाथ ने लिखा, “भोपाल के बैरागढ़ चिचली इलाके से गायब मासूम बालक वरुण के प्रयासों के बावजूद सकुशल नहीं बच पाने की खबर बेहद दुखद,मन को द्रवित करने वाली। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। पीड़ित परिवार के साथ पूरी सरकार खड़ी है।आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के निर्देश किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जायेगा

अब घर में भी नहीं सुरक्षित?

आखिर इस देश में अब क्या मासूम भी सुरक्षित नहीं हैं? क्या कोई बच्चा अपने घर के बाहर अब सुरक्षित खेल भी नहीं सकता? क्या हमारे देश की कानून व्यवस्था इतनी बेबस और लाचार हो गई है कि अपराधी इतने बेख़ौफ़ हो गए हैं? बीएनआर न्यूज (BNR News) आप सभी के ज़हन में सिर्फ एक ही सवाल छोड़ के जा रहा है कि क्या हम हमारे बच्चों को घर में भी सुरक्षित नहीं समझ सकते? क्या आखिर हमारी सुरक्षा का दायित्व सँभालने वाली पुलिस नपुंसक हो गई है या फिर हमारा दिया गया वोट केवल नेताओं के पेट भरने के लिए है? जवाब जरूर तलाशिएगा… खुद सतर्क रहें और सावधानी रखें।

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