छत्तीसगढ़ राज्य में बेहद शानदार जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस अभी तक अपने मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं कर पाई है। छत्तीसगढ़ में 90 सीटों के लिए मतदान किया गया था, जिसमें कांग्रेस ने 68 सीटों पर कब्जा जमाया और पूरे बहुमत के साथ बेहतरीन जीत हासिल की। छत्तीसगढ़ की सत्ता में कांग्रेस का राज कायम होने के बाद मुख्यमंत्री को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निवास पर चली बैठक के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम का चयन नहीं हो सका। आखिरकार चारों दावेदार नेताओं ने अंतिम फैसला राहुल गांधी के ऊपर छोड़ दिया है।

शनिवार को हो सकती है घोषणा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा शनिवार को रायपुर में कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में हो सकती है। राहुल गांधी के निवास पर चली 3 घंटे की बैठक में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका। हालांकि इससे पहले इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद की घोषणा कर दी जाएगी, लेकिन इस तरह का कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकल सका।

राहुल गांधी लेंगे फैसला

आलाकमान से मिलने पहुंचे चारों नेताओं टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, भूपेश बघेल और चरणदास महंत के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के राज्य प्रभारी पीएल पुनिया भी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में शामिल नेताओं ने अब मुख्यमंत्री का फैसला राहुल गांधी पर ही छोड़ दिया है। बैठक समाप्त होने के बाद एक नेता ने कहा कि, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी जो भी फैसला लेंगे वह हम सभी को स्वीकार्य होगा। अंतिम फैसला आलाकमान ही लेंगे और उनके द्वारा लिया गया निर्णय हम सभी के लिए मान्य है, और हम सभी इसे स्वीकार करेंगे।

मप्र.और राजस्थान को मिले मुख्यमंत्री

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम का चयन हो चुका है। मध्यप्रदेश को कमलनाथ मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त हुए जबकि राजस्थान में दो बार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम पर ही मोहर लगाई गई। मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को डिप्टी सीएम बनाया गया वहीं राजस्थान में सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री की पदवी दी गई है।